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Dil se or Dil Kya Karein Shayari

  1. दिल की पुकार दिल की आवाज़ को किससे कहें, जब दिल ही हो बेग़ुनाह और अकेला। हर धड़कन में तेरा नाम है बसा, तुझसे मिलने की ख्वाहिश हर पल बढ़ी। पर क्या करूँ, दिल ही नहीं समझता, हर बार वह तुझसे मिलने को तड़पता। दिल की आवाज़ को किससे कहें, जब दिल ही हो बेग़ुनाह और अकेला। Translation: Who should I tell my heart's call, When my heart itself is innocent and alone? In every beat, your name resides, The wish to meet you grows with each stride. But what should I do, my heart just doesn't know, Every time, it yearns to see you, yet feels low. Who should I tell my heart's call, When my heart itself is innocent and alone? 2. दिल की तन्हाई दिल की तन्हाई अब महसूस होने लगी है, तेरे बिना यह रातें बहुत लंबी होने लगी हैं। वो मासूमियत, वो प्यार भरी बातें, दिल की गहराई में अब भी वही यादें हैं। क्या करूँ दिल से, वह फिर से तुझसे जुड़ना चाहता है, पर तुझे छोड़ने का डर उसे अब भी डराता है। दिल की तन्हाई अब महसूस होने लगी है, तेरे बिना यह रातें बहुत लंबी होने लगी हैं। Tr...